करीब 50 दिन से फरार नाबालिग से रेप के आरोपी को पुलिस ने कूरियर बॉय बनकर सूरत (गुजरात) से गिरफ्तार किया। आरोपी करीब साढ़े पांच महीने पहले 15 साल की नाबालिग को किडनैप कर कार में बैठा कर ले गया था।
वह 18 दिन तक नाबालिग को राजस्थान और गुजरात में घुमाता रहा। इस दौरान उससे रेप करता रहा। पिता की रिपोर्ट पर पुलिस नाबालिग तक पहुंची और उसे डिटेन कर घरवालों को सौंप दिया था। मामला पाली के सदर थाना इलाके का है।
सदर थाने के SHO कपूराराम ने बताया- पाली निवासी नाबालिग के पिता ने बर थाने में 13 मई को उसके लापता होने की रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया था कि नाबालिग बर (ब्यावर) बस स्टैंड से 13 मई को गायब हो गई थी। इसके 18 दिन बाद बर थाना पुलिस ने नाबालिग को डिटेन कर परिजनों को सौंप दिया था।
फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने की धमकी दी
SHO कपूराराम ने बताया- इसके बाद 7 सितंबर को पीड़िता के पिता ने पाली सदर थाना में बर निवासी राजू सिंह (22) के खिलाफ रेप की रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि राजू सिंह उनकी बेटी से पिछले एक साल से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में था। वह नाबालिग पर बार-बार मिलने का दबाव बनाने लगा था।
आरोपी एक बार पाली में भी मिलने आया था। नाबालिग घर पर अकेली थी तो आरोपी ने जबरन उसके साथ फिजिकल रिलेशन बनाए। फोटो-वीडियो भी बना लिए। किसी को कुछ बताने पर सोशल मीडिया पर वीडियो-फोटो डालने की धमकी भी दी। रिपोर्ट में बताया कि आरोपी ने नाबालिग के साथ कई बार रेप किया।
बस स्टैंड से किया अपहरण
रिपोर्ट में बताया कि 13 मई को उसकी बेटी किसी काम से बर गई थी। आरोपी को इसकी भनक लग गई। इस दौरान आरोपी ने नाबालिग को जबरन अपनी कार में बैठाया और उसे सोजत, अहमदाबाद सहित कई शहरों में ले गया। जहां उससे कई बार रेप किया। इस घटना के बाद पुलिस ने नाबालिग को डिटेन कर लिया था। इसके बाद परिजनों ने नाबालिग से पूछा तो उसने रोते हुए पूरी घटना बता दी।
दोस्त से मिला इनपुट
SHO कपूराराम ने बताया- आरोपी के जिस मोहल्ले में रहने के इनपुट थे, वह वहां नहीं मिल रहा था। इसके बाद आरोपी के मारवाड़ के रहने वाले एक दोस्त के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने उसे कूरियर बॉय बनकर कॉल किया। कहा-उसका एक पार्सल आया हुआ है, उसे आकर लेले। जैसे ही आरोपी का दोस्त आया।
पुलिस ने उसे पकड़ा और राजू सिंह के बारे में पूछा तो वह पुलिस को अपने साथ साड़ी की फैक्ट्री तक ले गया। जहां आरोपी काम करता था। दोस्त ने कॉल कर राजू सिंह को बाहर बुलाया। जैसे ही वह बाहर आया, पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस उसे गिरफ्तार कर 29 अक्टूबर की शाम को पाली पहुंची।